निर्माण कार्य के दौरान जंगलों और सड़कों पर मलबा फेंकने पर अब 500 से 1000 रुपये तक जुर्माना लगेगा। शहरी निकाय जुर्माना राशि बढ़ा भी सकते हैं। मलबे से परेशानी पर आम लोग फोन कॉल, एसएमएस, ऑनलाइन या डाक से स्थानीय निकायों को शिकायत कर सकेंगे। स्थानीय निकाय तत्काल मलबे को उठवाकर डंपिंग साइट पर फेंकेंगे। कैबिनेट से मंजूरी के बाद डंपिंग साइट पर मलबा फेंकने के लिए भी दरें तय कर अधिसूचना जारी कर दी गई है।
अधिसूचना के मुताबिक अगर कम मात्रा में मलबा होगा तो एक लाख से ऊपर की आबादी वाले क्षेत्र में 30 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर शुल्क देना होगा। अगर 50 हजार से कम आबादी है तो 20 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर शुल्क निर्धारित किया गया है। अधिक मात्रा में मलबा फेंकने के लिए अलग दरें तय की गई हैं। इसके अनुसार एक लाख से अधिक आबादी है तो 50 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर शुल्क देना होगा। अगर आबादी 50 हजार से कम है तो 30 रुपये प्रति टन प्रति किलोमीटर के हिसाब से शुल्क देना होगा।