हिमाचल सरकार नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के उस फैसले को हाईकोर्ट में चुनौती देगी जिसमें प्रदेश में नदी-नालों के किनारे 100 मीटर तक स्टोन क्रशर बंद करने का फैसला दिया गया है। सरकार का मानना है कि कई नाले ऐसे हैं, जहां साल में सिर्फ 15 दिन ही पानी रहता है।
उद्योग मंत्री बिक्रम सिंह ने कहा है कि प्रदेश में जो स्टोन क्रशर अवैध तरीके से चल रहे हैं, उनको सरकार बंद करेगी। मंत्री ने यह जानकारी विधायक राकेश पठानिया के प्रश्न के उत्तर में दी।
विधायक लखविंद्र राणा और हर्षवर्धन चौहान ने भी इससे संबंधित प्रश्न पूछे। बिक्रम सिंह ने कहा कि इस मामले को पहले हाईकोर्ट ले जाया जा रहा है। अगर यहां से राहत नहीं मिलती है तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट ले जाने पर विचार किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि सरकार का मकसद लोगों को राहत देने का है, लेकिन इसकी आड़ में अवैध तौर पर स्टोन क्रशर चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एनजीटी के आदेशों में सभी नदी-नालों को एक ही श्रेणी में रखा गया है।