जयराम सरकार ने प्रदेश में प्लास्टिक प्रदूषण खत्म करने के उद्देश्य से बड़ा फैसला लिया है। मंत्रिमंडल ने रिसाइकल न होने वाले प्लास्टिक वेस्ट तथा विभिन्न प्रकार के सिंगल यूज प्लास्टिक वेस्ट की पुन: खरीद के लिए प्रस्तावित नीति को स्वीकृति दी।
प्लास्टिक कचरे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 75 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया है। यह दाम घरों से कूड़ा कचरा एकत्रित करने और उसे शहरी स्थानीय निकायों के पास जमा करने की एवज में निर्धारित किया है।
केंद्र सरकार ने प्लास्टिक वेस्ट मैनेजमेंट रूल्स 2016 लागू किए थे। उन्हें अभी तक जमीन पर लागू नहीं किया जा सका। इनके तहत उत्पादक की जिम्मेदारी है कि वह जिस प्लास्टिक कचरे को बना रहा है, उसे ही उसका डिस्पोजल भी करना होगा।
रूल्स अभी सख्ती से लागू नहीं हो पाए हैं, ऐसे में प्रदेश सरकार ने बढ़ते कचरे की समस्या से निपटने को यह कदम उठाया है। प्लास्टिक का दाम मिलने की वजह से लोग उसे कूड़े में फेंकने के बजाय संभालकर रखेंगे और कबाड़ी को बेचेंगे। कचरा घर से ही प्लास्टिक मुक्त होकर कचरा प्लांट तक पहुंचेगा।
इसके बाद इस प्लास्टिक का अलग-अलग तरह से उपयोग किया जाएगा। सभी निकाय इस प्लास्टिक को खरीदने के लिए कलेक्शन प्वाइंट बनाएंगे, जहां कोई भी व्यक्ति प्लास्टिक कचरा बेच सकेगा। इस प्रक्रिया में आने वाले खर्च को निकाय उन कंपनियों से वसूलेंगे।