हिमाचल सरकार फिर डेढ़ सौ करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। आर्थिक तंगी से जूझती राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है। कर्मचारियों को 10 फीसदी डीए देने की घोषणा के बाद सरकार ने अब अचानक ऋण लेने का फिर फैसला ले लिया है।
प्रधान सचिव वित्त श्रीकांत बाल्दी ने शुक्रवार को इस कर्ज को लेने के लिए अधिसूचना जारी कर दी। प्रदेश सरकार आर्थिक तंगहाली के कारण हिमाचल में कई योजनाओं के वित्तपोषण का संकट झेल रही है। 15 अगस्त को सरकार ने सभी कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 10 फीसदी डीए की घोषणा की है।
इससे सरकार पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बढ़ेगा। पिछले लगभग छह महीने के भीतर सरकार लगभग 350 करोड़ का नया कर्ज ले चुकी है। अब यह 500 करोड़ रुपये हो जाएगा। इसके लिए सरकार अपनी प्रतिभूतियों को फिर से नीलाम करेगी। ये रिजर्व बैंक के माध्यम से बेची जाएंगी।
सरकार इस ऋण को 10 साल में चुकाएगी। इसे 27 अगस्त से पहले चुका दिया जाएगा। इसका ब्याज 27 फरवरी और 27 मार्च को साल में दो बार चुकाया जाएगा।