पूर्व सैनिकों को सरकारी सेवा के दौरान वरिष्ठता लाभ नहीं देने के मामले में राज्य सरकार ने यू टर्न ले लिया है। प्रदेश सरकार ने तय किया है कि विदेशी घुसपैठ रोकने या प्रदेश में आपात स्थिति में सेवाएं दे चुके पूर्व सैनिकों को वरिष्ठता में अतिरिक्त लाभ दिया जाएगा।
फौज में सामान्य स्थिति में सेवाएं देने वाले पूर्व सैनिकों को यह लाभ नहीं मिलेगा। राज्य सरकार ने इस संबंध में संशोधित अधिसूचना जारी की है। इस साल के जनवरी में सरकार ने फैसला किया था कि राज्य सरकार में कार्यरत पूर्व सैनिक कर्मियों को अब फौज में सेवाएं देने के मामले में अतिरिक्त वरिष्ठता लाभ नहीं मिलेगा।
इन्हें केवल वेतन निर्धारण का अतिरिक्त लाभ ही मिलेगा। ऐसा कुछ अदालती फैसले आने के बाद किया था। अब सरकार ने यह तय किया है कि केवल विशेष श्रेणी के पूर्व सैनिक कर्मियों को यह लाभ मिलेगा।
यह विशेष श्रेणी विदेशी घुसपैठ और आपात सेवाएं देने वाले पूर्व सैनिक कर्मचारियों पर ही लागू होगी। सरकार को अभी यह तय करना है कि एचएएस अधिकारियों के मामले में किस तरह के नियम रहेंगे। मौजूदा अधिसूचना चतुर्थ श्रेणी से लेकर प्रथम श्रेणी गैर तकनीकी और तकनीकी सब अधिकारियों और कर्मचारियों के मामले में लागू होगी।