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जेनेरिक दवा न लिखने वाले डॉक्टरों पर गाज गिरना तय

Sat, 29 Dec 2018 10:39 AM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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जेनेरिक दवाइयां नहीं लिखने वाले डॉक्टरों पर गाज गिरना तय है। सरकार ने स्वास्थ्य निदेशालय से इन डॉक्टरों की फाइल मांगी है। मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों के अलावा सीएमओ को भी तलब किया गया है। निदेशालय ने इन डॉक्टरों को पहले नोटिस जारी किए थे। इनका लिखित जवाब आ गया है। इन पर क्या कार्रवाई करनी है? इसका फैसला सरकार पर छोड़ा गया है।

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हिमाचल में 400 ऐसे चिकित्सक हैं, जिन्होंने मरीजों की पर्ची पर जेनेरिक दवाइयां नहीं लिखी हैं। मरीजों ने इसकी शिकायत मेडिकल कॉलेज के प्राचार्यों और सीएमओ से की है। धर्मशाला में शीत सत्र के दौरान भी स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने इन डॉक्टरों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई करने की बात कही थी।

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सरकार ने अस्पतालों के बाहर निशुल्क जेनेरिक दवा केंद्र खोले हैं। इनमें मरीजों को 300 से अधिक दवाइयां निशुल्क दी जा रही हैं, लेकिन डॉक्टर मरीजों की पर्ची में केंद्र में उपलब्ध ये दवाइयां नहीं लिख रहे हैं। सरकार को अंदेशा है कि कमीशन के चक्कर में ये डॉक्टर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए ये दवाइयां लिख रहे हैं। मजबूरन, मरीजों में दुकानों से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रही हैं।

डॉक्टरों को नोटिस जारी करने के बाद इनके जवाब आ गए हैं। निदेशालय से फाइल मांगी गई है। मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्यों और सीएमओ को भी कार्यालय बुलाया गया है। जेनेरिक केंद्र में दवाइयां उपलब्ध हैं तो बाहर से दवाइयां लिखने की क्या जरूरत है?  - विपिन सिंह परमार, स्वास्थ्य मंत्री
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