हिमाचल में फिक्सड डोज कंपोजिशन (एफडीसी) के प्रतिबंध को हटाया जाएगा। स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने इस बाबत ड्रग कंट्रोलर को आदेश जारी किए हैं। वर्ष 2012 में इस पर केंद्र सरकार ने रोक लगा दी थी।
उद्यमियों की डिमांड पर मंत्री ने राज्य सरकार की निहित शक्तियों के तहत इस प्रतिबंध को हटाने के निर्देश दिए हैं। अगर ऐसा होता है कि प्रदेश की करीब 600 से अधिक दवा कंपनियां लाभान्वित होंगी।
उन्होंने कहा कि फार्मा उद्योगों को उत्पादन लाइसेंस भी ऑनलाइन जारी किए जाएंगे, जबकि परचून और थोक विक्रेताओं के लाइसेंस पहले ही ऑनलाइन हो चुके हैं।
ठाकुर कौल सिंह शुक्रवार को नालागढ़ उपमंडल के बद्दी में 'नार्थ इंडिया मेन्यूफेक्चरिंग कनक्लेव में बोल रहे रहे थे। उन्होंने कहा कि देश में बिक रही प्रत्येक तीसरी दवाई हिमाचल की बनी हुई है।
इस वर्ष दवा नियंत्रक कार्यालय भवन बनेगा- इस वर्ष मार्च तक बद्दी में राज्य दवा नियंत्रक के कार्यालय का अपना भवन बन का तैयार हो जाएगा। उन्होंने दवा निर्माताओं से आग्रह किया कि गुणवत्ता युक्त उत्पादन के साथ-साथ नकली दवाइयां बनाने वालों पर नजर रखें।
मंडी- कांगड़ा के बीपीएल परिवारों को भेजी दवाएं- ठाकुर कौल सिंह ने प्रदेश के गरीबी रेखा से नीचे रह रहे शिमला , मंडी तथा धर्मशाला के सीएमओ को 41 लाख रुपये की दवाई भेजी।
ये दवाइयां बद्दी स्थित फार्मा उद्योग की ओर से उपलब्ध करवाई गई हैं। ये दवाइयां प्रदेश के मंडी, शिमला और कांगड़ा जिलों में बीपीएल परिवारों को उपलब्ध करवाई जाएंगी।