हाईकोर्ट द्वारा न्यायालय के समक्ष पेश न होने के कारण खंडपीठ ने संजय कुमार शर्मा को 50 हजार रुपये की कॉस्ट लगाईं और आदेश दिए कि राशि हाईकोर्ट बार एसोसिएशन वेलफेयर फंड में चार सप्ताह के भीतर जमा करवाई जाए अन्यथा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही आदेश दिए गए कि वह शपथपत्र के माध्यम से अदालत को बताए कि इस पुल का निर्माण कार्य कितने समय में पूरा किया जाएगा। मामले की आगामी सुनवाई 20 मई को निर्धारित की गई है।
सलापड़ से तत्तापानी को जोड़ने वाली सड़क का काम 1980 में शुरू हुआ लेकिन विभाग की उदासीनता के कारण स्थानीय लोग सड़क, स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित रहे।
वर्तमान में सलापड़ से ततापानी के बीच की दूरी 150 किलोमीटर है जो की इस सड़क के निर्माण के बाद केवल 67 किलोमीटर रह जानी थी। लेकिन विभाग की लापरवाही के कारण 32 वर्ष में केवल 16 किलोमीटर सड़क ही बन पाई। इसके बाद से लंबित कार्य को पूरा करने के लिए कोर्ट में याचिका लगाई गई थी।