अगर इसमें किसी तरह का आपराधिक षड्यंत्र और जालसाजी रही है तो इस मामले की जांच में सारी बातें सामने लाई जाएं।
सूत्रों ने बताया कि आगामी दिनों में राज्य गृह विभाग विजिलेंस जांच को यह मामला भेज सकता है। विजिलेंस जांच में संबंधित नेताओं के बैंक खातों को खंगालने से लेकर तमाम तरह की कार्रवाइयां की जा सकती हैं।
सूत्रों ने बताया कि वीरभद्र सरकार के तत्कालीन मंत्रिमंडल में मौजूद रहे कुछ अफसर सोमवार को हुई जयराम कैबिनेट मेें शामिल थे। इन्हें इस सरकार ने भी अच्छे पद दिए हैं।
इन्होंने ही ये बात सामने लाई है कि अधिकारियों के न-न करने के बावजूद पूर्व कांग्रेस सरकार के मंत्रिमंडल ने हां में हां मिलाते हुए नियमों में संशोधन किए बगैर ही अनावश्यक लाभ दिया।
राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य की दो गोल्ड रिफाइनरीज के लिए टैक्स को रिफंड करने की योजना को समाप्त करने का फैसला लिया गया।
विजिलेंस जांच के अलावा इन फर्मों को एरियर के रूप में 14,10,98,423 रुपये वसूलने के भी आदेश दिए गए। इन गोल्ड रिफाइनरीज को गुड्स इन टू लोकल एरिया एक्ट 2010 के तहत एरियर जमा करना है।