हिमाचल के तमाम सरकारी महकमे अपने सरप्लस फंड को सहकारी और क्षेत्रीय बैंकों में जमा करवाएंगे। राज्य सरकार ने इस संबंध में वित्त महकमे को नए निर्देश जारी किए हैं। सहकारी बैंकों में पर्वतीय ग्रामीण बैंक चंबा और हिमाचल ग्रामीण बैंक मंडी को भी इस श्रेणी में लिया गया है। हालांकि, इस तरह के निवेश के बाद बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि सरकारी विभागों को न्यायोचित और बाजार की स्पर्धात्मक दरों पर ब्याज मिले।
वित्त विभाग की ओर से यह पत्र सभी विभाग प्रमुखों, सभी सार्वजनिक उपक्रमों के प्रबंधक निदेशकों, सब डीसी और तमाम बोर्डों और विश्वविद्यालयों के प्रमुखों को भेजे गए हैं। हालांकि, ऐसे निवेश के दौरान तमाम वित्तीय अधिनियमों और नियमों की अनुपालना भी करनी होगी।
अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त केे हवाले से यह पत्र विशेष सचिव वित्त आबिद हुसैन सादिक ने जारी किया है। सादिक ने बताया कि यह महज निर्देश ही हैं। विभागों और संबंधित उपक्रमों को सहकारी बैंकों में सरप्लस फंड जमा करने को जरूर कहा गया है। इसके लिए वे बाध्य नहीं होंगे, मगर प्राथमिकता दे सकते हैं।