निजी स्कूलों में पूरी फीस वसूलने के मामले में मंगलवार को प्रदेश सरकार ने हाईकोर्ट में कंप्लाइंस रिपोर्ट सौंप दी है। सरकार की रिपोर्ट से संतुष्ट होते हुए कोर्ट ने मामले को समाप्त कर दिया है। अब निजी स्कूलों में बच्चे पढ़ाने वाले अभिभावकों को पूरी फीस ही देनी होगी। इस मामले की वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से सुनवाई हुई। सरकार ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि हाईकोर्ट के बीते दिनों आए फैसले को लागू कर दिया है।
हाईकोर्ट में निजी स्कूलों के एक संगठन की ओर से याचिका दायर की गई थी। कोर्ट ने अगस्त में इस मामले की सुनवाई करते हुए निजी स्कूलों का आर्थिक पक्ष जानने के बाद फीस वसूली का फैसला सुनाया था। सरकार ने कोर्ट के इस फैसले का पालन करते हुए बीते दिनों हुई मंत्रिमंडल की बैठक में सिर्फ ट्यूशन फीस वसूली का आदेश वापस ले लिया। निजी स्कूलों के पक्ष में आदेश जारी करते हुए सरकार ने कोर्ट के आदेशानुसार बीते महीनों की फीस वसूली को भी हरी झंडी दी। इसको लेकर प्रदेश में विरोध हो रहा है। हालांकि कोर्ट ने निजी स्कूलों को पूरी फीस लेने के कोई आदेश नहीं दिए थे।