जर्मन तकनीक से बनने वाला वेस्ट मैनेजमेंट एनर्जी प्लांट प्रतिदिन 20 मीट्रिक कूड़े से 10 मेगावाट तक बिजली पैदा करेगा। नप अध्यक्ष अमरजोत बेदी ने बताया कि नप क्षेत्र से 6 से 7 टन कूड़ा निकलता है। जिला के अन्य नप क्षेत्रों से इसके लिए संपर्क किया जाएगा। करार के मुताबिक भविष्य में कंपनी से नप क्षेत्र में आधे दाम पर बिजली ली जा सकेगी।
..तो शिमला में पानी की कमी होगी पूरी- कंपनी का दावा है कि अगर शिमला में ऐसे प्रोजेक्ट लगाने की अनुमति मिलती है तो न केवल पानी की कमी पूरी होगी, बल्कि सार्वजनिक नलों में मिनरल ग्रेड वाटर की सप्लाई कंपनी कर सकती है। यह देश का पहला कामर्शियल प्लांट होगा।