हिमाचल सरकार ने गणतंत्र दिवस पर राजपथ पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की शिमला यात्रा विवरण की झांकी का मॉडल केंद्र सरकार को भेज दिया है। शनिवार को रक्षा मंत्रालय की ओर से चयनित कमेटी इस मॉडल पर चर्चा करेगी। मॉडल सही है या इसमें बदलाव करने की आवश्यकता है, यह कमेटी पर निर्भर करेगा।
भाषा एवं संस्कृति विभाग के निदेशक केके शर्मा ने कहा कि जो मॉडल भेजा गया है, उसमें महात्मा गांधी की करीब 10 यात्राओं को दर्शाया गया है। बीते वर्ष 2017 में सरकार ने 26 जनवरी को लाहौल-स्पीति के एक हजार साल पुराने कीह मठ की झांकी भेजी थी, जिसे खूब सराहा गया था। अब महात्मा गांधी की 150वीं जयंती को मद्देनजर रखते हुए उनकी शिमला यात्रा की झांकी भेजी जा रही है।
भाषा एवं संस्कृति विभाग का मानना है कि गांधी की शिमला यात्राएं खूब चर्चित रही हैं। 24 जून, 1945 को गांधी की शिमला यात्रा के दौरान वे समरहिल स्थित मेनरविला में ठहरे थे। उनके ठहरने के बाद यह कोठी चर्चा में रही है। महात्मा गांधी का यहां 23 दिन का प्रवास था। उनकी 10 दिन की यात्रा में यह सबसे बड़ा प्रवास रहा। सरकार की ओर से पेश की जा रही झांकी में भी इसका उल्लेख होगा।