मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने सुझाव दिया कि पहले चरण में महत्वपूर्ण बिंदुओं के लिए तीन स्नो कटर खरीदें जाए तथा धरातल स्थिति का अवलोकन करने के बाद लोक निर्माण विभाग द्वारा इस संदर्भ में योजना तैयार की जाए।
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व और लोक निर्माण मनीषा नंदा ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य में आवश्यक सेवाओं की बहाली सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में यह रहे मौजूद
शिमला। समीक्षा बैठक में अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. श्रीकांत बाल्दी, प्रधान सचिव ऊर्जा प्रबोध सक्सेना, मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव संजय कुंडू, मुख्यमंत्री के विशेष सचिव डीसी राणा, बिजली बोर्ड के प्रबंध निदेशक जेपी कालटा, सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख अभियंता विक्रांत सुमन, ईएनसी लोक निर्माण विभाग आरपी वर्मा, ईएनसी परियोजनाएं और राष्ट्रीय राजमार्ग आरके वर्मा सहित कई विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रदेश में सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा विभिन्न स्थानों में ब्लैक स्पॉट में सुधार लाने को सरकार ने 50 करोड़ लोक निर्माण विभाग को जारी किए हैं। शुक्रवार को मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने प्रदेश में सड़क सुरक्षा स्थिति के संबंध में बुलाई गई समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए विधानसभा समिति कक्ष में यह जानकारी दी। मुख्य सचिव ने कहा कि लोक निर्माण विभाग प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में ब्लैक स्पॉट की जांच और मरम्मत कार्य कर जल्द अपनी रिपोर्ट सौंपे।
उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं को रोकने तथा सड़क सुरक्षा नियमों की अनुपालना सुनिश्चित करने के लिए परिवहन विभाग को लाइसेंस निर्माण की प्रक्रिया में सख्ती बरतने के निर्देश दिए। कहा संबंधित विभाग चालकों के कार्य में निपुणता लाने तथा गुणवत्ता पूर्ण सड़क सुरक्षा नियमों की अनुपालना सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूलों में प्रशिक्षण के बाद ही प्रमाण पत्र जारी करें।
उन्होंने पुलिस विभाग को नशे की स्थिति में वाहन चलाने, सीट बेल्ट न बांधने, ओवर स्पीड, हेलमेट का प्रयोग न करने बारे, जांच व निगरानी कर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। कहा कि संबंधित विभाग प्रदेश में विभिन्न निजी स्कूलों द्वारा चलाई जा रही स्कूली बसों के लिए गाइडलाइन तय करें। इन निर्देशों की अनुपालना न करने की स्थिति में विभाग द्वारा ऐसे स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी।
उन्होंने कहा कि सभी निजी स्कूलों द्वारा चलाई जा रही स्कूल बसों की जांच अप्रैल माह तक करवाना सुनिश्चित करें। विभागीय अधिकारी स्कूल बस से संबंधित विवरण प्रधानाचार्य अथवा स्कूल प्रबंधन से लेना सुनिश्चित करें, जिसमें बस की स्थिति, बस चालक व परिचालक का पूर्ण विवरण व लाइसेंस की स्थिति अंकित की गई हो। बैठक में पुलिस महानिदेशक सीता राम मरडी, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह मनोज कुमार, प्रधान सचिव जेसी शर्मा, केके पंत, एचआरटीसी प्रबंध निदेशक संदीप भटनागर सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।