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आईजीएमसी और टांडा में बढ़ेंगी पीजी की सीटें, सरकार ने तैयार किया प्रस्ताव

Fri, 07 Dec 2018 01:38 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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प्रदेश सरकार इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज (आईजीएमसी) शिमला और राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में पीजी की सीटें बढ़ाने जा रही है। दोनों मेडिकल कॉलेजों में अभी पीजी की 206 सीटें हैं। सरकार ने अब आईजीएमसी में 19 और टांडा में 4 सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है।

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इस प्रस्ताव को मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) को भेजा जाएगा। एमसीआई की टीम इन दोनों मेडिकल कॉलेजों का आधारभूत ढांचा और फेकेल्टी स्टाफ की जांच करेगी। स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने इसकी पुष्टि की है। 

टांडा मेडिकल कॉलेज में 17 विभागों में पीजी की कक्षाएं चल रही हैं। आईजीएमसी में करीब 30 विभागों में डॉक्टर पीजी कर रहे हैं। सरकार का मानना है कि पीजी सीटें बढ़ाए जाने से हिमाचल को विशेषज्ञ चिकित्सक मिल सकेंगे।

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मरीजों को नहीं जाना पड़ेगा बाहरी राज्यों में

इसके अलावा सरकार दोनों कॉलेजों में डीएनवी कोर्स की सीटें बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार कर रही है। विशेषज्ञ डॉक्टरों की मानें तो डीएनवी के लिए दो साल का कोर्स होता है जबकि पीजी 3 साल में की जाती है। 

स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि मरीजों को उपचार के लिए बाहरी राज्यों के अस्पतालों की शरण नहीं लेनी पड़ेगी। हिमाचल में ही गंभीर से गंभीर बीमारियों का इलाज हो सकेगा।

उन्होंने कहा कि दोनों मेडिकल कॉलेजों में कितने लोगों का उपचार किया गया और कितने ऑपरेशन किए गए, कौन मरीज गंभीर बीमारी से पीड़ित है, मोबाइल पर प्रतिदिन इसकी रिपोर्ट ली जा रही है।
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