शिक्षा विभाग और खाद्य आपूर्ति निगम के अधिकारी स्मार्ट वर्दी की खरीद में हो रही देरी को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। खाद्य आपूर्ति निगम की ओर से पहली अगस्त को शिक्षा सचिव को मामले की फाइल भेजी गई थी। शिक्षा सचिव ने 14 अगस्त को फाइल शिक्षा मंत्री को भेजी। इसके बाद से मामला ठंडे बस्ते में पड़ा है।
सरकार ने इस बार एक साथ तीन साल के लिए वर्दी खरीद का फैसला लिया है। इस पर करीब 174 करोड़ का खर्च आना प्रस्तावित है। निगम ने ई टेंडरिंग के माध्यम से टेंडर आमंत्रित किए हैं। एल वन कंपनी से रेट कम करने को लेकर नेगोशिएशन भी हो चुकी है, लेकिन अब दोनों विभागों के बीच रेट को लेकर मतभेद खड़े हो गए हैं। इसका खामियाजा सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भुगतना पड़ रहा है।