हिमाचल के लाखों किसानों-बागवानों को बड़ी राहत मिली है। प्रदेश सरकार ने निजी भूमि से 23 प्रजातियों के पेड़ काटने की अनुमति दे दी है। इन पेड़ों को लाने- ले जाने पर लगा प्रतिबंध भी सरकार ने हटा दिया है। नगर निगम क्षेत्र इस दायरे में नहीं आएंगे। इसके अलावा पूरे सूबे में रेंजर के पास आवेदन करने के बाद एसीएफ या डीएफओ स्तर के अधिकारी की मंजूरी से इन पेड़ों को काटा जा सकता है। लकड़ी की ट्रांसपोर्टेशन के लिए अलग से अनुमति लेनी होगी। प्रदेश सरकार ने इसकी अधिसूचना कर दी है।
अधिसूचना के अनुसार 23 प्रजातियों के पेड़ों को घरेलू या कृषि कार्य के अतिरिक्त इमारती लकड़ी को खरीदा-बेचा भी जा सकेगा। सरकार ने शर्त लगाई है कि एक पेड़ काटने के बदले तीन पौधे लगाने होंगे। इसका प्रमाण पत्र स्थानीय वन अथॉरिटी को देना होगा। बता दें कि प्रदेश में अभी तक निजी भूमि पर पेड़ कटान पर पूरी तरह प्रतिबंध था।
इससे घर या खेत बनाने में पेड़ रोड़ा बन रहे थे। टीडी या शादी के लिए लकड़ी काटने की इजाजत की प्रक्रिया बेहद जटिल थी। इससे काफी परेशानी होती थीं। इसी के चलते सरकार ने उपरोक्त प्रजातियों के पेड़ों को काटने और इनकी लकड़ी को लाने-ले जानेकी इजाजत दे दी है।
अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर ने बताया कि 23 प्रजातियों के पेड़ों को काटने से पहले अनुमानित पैदावार सहित वन परिक्षेत्र अधिकारी के पास आवेदन करना होगा। इसके बाद डीएफओ या एसीएफ स्तर के अधिकारी निरीक्षण करेंगे। काटे जाने वाले पेड़ों की निरीक्षण रिपोर्ट अधिकारी को सात दिन के भीतर विभाग को देनी होगी। इस रिपोर्ट के अपलोड होने के 15 दिन के अंदर ही आवेदक को पेड़ काटने की अनुमति दे दी जाएगी।
निजी भूमि पर इन पेड़ों को काट सकेंगे
अधिसूचना के अनुसार काला सिरिस/ओई/सिरिस, कचनार/करयाल, सफेदा, किमू/चिमू/शहतूत/तूत/मलबैरी, पॉपलर, भारतीय विलो/बीयूंस, बैंबू क्लमस/लाठी/बांस/मग्गर/धरेंच, जापानी शहतूत/पेपर मलबैरी, पेइक/कोई/कोश/कुनिशनूयन, खिड़क/खड़की, दरेक/बकिन, फगूड़ा/फेगुड़ा/त्यामल/तिमला/तिरमल/अंजीरी/कलस्टर फिग/गुलर, तून, जामुन, टीक/सगुन/सागवान, अर्जुन, सेमल/शलमाटास, बिहूल/बेयूल/भिमल/भियूनल/धमन, पाजा/पदम, कामला/रैनी/रोहण/रोहिन/सिंदूरी, आम (वन्य प्रजाति), रिष्टक/रीठा/डोडे और बान को काट सकेंगे। हालांकि, बान के एक साल में अधिकतम पांच पेड़ काटे जा सकते हैं जिनका सिर्फ घरेलू इस्तेमाल ही होगा। इनके अलावा काला जीरा और कुठ के ट्रांसपोर्टेशन को भी मंजूरी दी है।