अफसरों ने दलील दी कि जब प्रदेश में पिछले पांच साल में औसतन 16 सचिव स्तर के अधिकारी रहने पर दिक्कत नहीं हुई तो इस बार क्यों हो रही है। हाल ही में प्रदेश सरकार ने अमिताभ अवस्थी को बुलाकर उन्हें सचिव पद पर पदोन्नति व नियुक्ति दे दी। इसके बाद सूबे में सचिव स्तर के अधिकारियों की संख्या बढ़कर 18 हो गई। अब औसत संख्या से ज्यादा सचिवों के होने के बाद अफसरों की दलील को बल मिल गया है।
लिहाजा, सरकार ने अब केंद्र को पत्र लिखने का आइडिया ड्रॉप कर दिया है। नाम न लिखने की शर्त पर एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि केंद्र से अफसर इसलिए भी नहीं आना चाहते क्योंकि कुछ अफसरों को ज्यादा काम और कुछ से बिलकुल काम नहीं लिया जाता। लिहाजा काम न होने पर वह ठगा सा महसूस करते हैं। उधर, केंद्र में सभी स्तर के अधिकारियों के पास समान कार्य ही रहता है साथ ही ज्यादा सुविधाएं भी होती हैं, इसलिए वह प्रदेश नहीं लौटना चाहते।