राजधानी में ट्रामा सेंटर खोलने के लिए जमीन और भवन की तलाश कर रही सरकार अब इंडस अस्पताल को ही खरीदने पर विचार कर रही है। सरकार की ओर से यह कवायद इंडस प्रबंधन की ओर से अस्पताल और उससे लगती जमीन बेचने के बाद की जा रही है। हालांकि, पहले सरकार ने इंडस अस्पताल के साथ ही ट्रामा सेंटर खोलने के लिए एमओयू साइन किया था, लेकिन एमओयू की शर्तों को लेकर हुए विवाद के बाद सरकार ने उसे खारिज कर नई जगह की तलाश शुरू कर दी थी।
हाल में कैबिनेट की मंजूरी के बाद स्वास्थ्य विभाग की एक उच्च स्तरीय टीम ने पंडित दीन दयाल उपाध्याय सिविल अस्पताल के निर्माणाधीन भवन का निरीक्षण भी किया था। उसकी रिपोर्ट आने से पहले ही अब इंडस प्रबंधन के इस प्रस्ताव के आने के बाद सरकार फिर से इस पर विचार कर रही है।
सूत्रों की मानें तो इंडस अस्पताल के इस ऑफर के बाद स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस जरूर ली है। दरअसल, एमओयू साइन होने के बाद इसी साल मई महीने में एम्स के डॉक्टरों की एक विशेषज्ञ टीम ने इंडस अस्पताल का दौरा कर उसे ट्रामा सेंटर के लिए मुफीद जगह बताया था।
इसी दौरान कांट्रेक्ट टूटने के खतरे तथा अन्य शर्तों को लेकर उठे सवालों के बाद सरकार ने ट्रामा सेंटर बनाने से हाथ खींच लिए थे। इसके बाद नए और अपने भवन की तलाश शुरू हो गई थी। चूंकि, एम्स की टीम पहले ही इस बिल्डिंग को हरी झंडी दे चुकी थी। साथ ही इंडस प्रबंधन ने अस्पताल के आसपास की खाली जमीन भी सरकार को बेचने की बात कही है।
ऐसे में विभाग के अधिकारियों का यह भी मानना है कि आने वाले समय में विस्तार के लिए भी यह फायदा के सौदा रहेगा। हालांकि, अभी अफसर आधिकारिक रूप से इस पर कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। सूत्रों का मानना है कि इस प्रस्ताव को स्वास्थ्य विभाग कैबिनेट में ले जा सकता है।