राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान
सरकार बनते ही रूसा को लेकर भाजपा के सुर भी बदलना शुरू हो गए हैं। विधानसभा चुनाव के समय भाजपा ने रूसा को खूब भला बुरा कहा था। भाजपा ने अपने चुनाव घोषणापत्र में भी रूसा की खिलाफत की थी।
घोषणापत्र के पेज नंबर 14 में कहा था कि प्रदेश विश्वविद्यालय द्वारा शुरू रूसा के तहत च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम और सेमेस्टर परीक्षा प्रणाली को समाप्त कर दोबारा वार्षिक प्रणाली शुरू की जाएगी, लेकिन अब सरकार बदलने के बाद रूसा को लेकर भाजपा की धारणा बदल गई है।
प्रदेश के नए शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज ने शपथ लेने के बाद मीडिया से बातचीत में कई बार कहा है कि रूसा गलत नहीं है। इसे लागू करने में गलती हुई है। इन गलतियों को दूर किया जाएगा।
रूसा की फंडिंग से बदली कॉलेजों की सूरत
रूसा के तहत केंद्र सरकार ने हिमाचल के कई कॉलेजों को करोड़ों रुपये की ग्रांट जारी की है। दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित कॉलेजों की सूरत इस ग्रांट के खर्च करने से ही बदली है। च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम के चलते प्रदेश के कई कॉलेजों के विद्यार्थियों को देश के नामी संस्थानों में प्रवेश भी मिला है।
हिमाचल प्रदेश राजकीय अध्यापक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज से राज्य सचिवालय में मुलाकात की। संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान की अगुवाई में मिले प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को नए साल की बधाइयां दीं और संघ की मांगों से अवगत करवाया।
वीरेंद्र चौहान ने बताया कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री को 27 सूत्रीय मांगपत्र सौंपा गया। जल्द ही शिक्षक संगठन के साथ वार्ता के लिए समय निर्धारित करने की मांग भी की। अध्यक्ष वीरेंद्र चौहान ने बताया कि शिक्षा मंत्री सुरेश भारद्वाज शिक्षा की गुणवत्ता में वृद्धि करने के लिए काफी दृढ़संकल्प दिखे।
उधर, एसएमसी पीरियड बेसिस टीचर एसोसिएशन की राज्य कार्यकारिणी ने भी सोमवार को मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से मुलाकात की। एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पितान और महासचिव मनोज रोंगटा ने बताया कि मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से एसएमसी शिक्षकों को अनुबंध में लाने की मांग की गई।