विभाग की ब्रांच में तबादले की फाइल तैयार होती थी। इसके बाद विभाग का अध्यक्ष तबादला आदेश जारी कर देता था। राजनैतिक दबाव होने पर फाइल को मुख्यमंत्री को भी भेजा जाता था।
लेकिन अब मुख्यमंत्री से जो भी नोट अप्रूव होगा, उसकी जानकारी सिर्फ ब्रांच में एक कर्मचारी या अधिकारी के पास ही होगी।
तबादलों को लेकर कर्मचारी और अधिकारी अकसर फाइलों के आगे पीछे घूमते थे। लेकिन मुख्यमंत्री और मंत्रियों के कार्यालय में लोगों को डीओ नोट की जानकारी लेना मुश्किल होगा।