हिमाचल सरकार चुनावी साल में बिजली की दरें नहीं बढ़ाएगी। इसके लिए राज्य सरकार बिजली बोर्ड की आर्थिक मदद करेगी। उदय योजना के तहत हिमाचल सरकार 2800 करोड़ रुपये का कर्ज लेने जा रही है। बिजली बोर्ड को यह ऋण इसकी खराब हालत सुधारने के लिए दिया जाएगा।
राज्य सरकार सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) का तीन फीसदी कर्ज ही ले सकती है। इस वित्त वर्ष में सरकार ने कर्ज लेने की सीमा को 3855 करोड़ रुपये तय किया था। इसमें से करीब दो हजार करोड़ रुपये का ऋण ले लिया गया है। अब बाकी बची ऋण सीमा के तहत करीब 2800 करोड़ रुपये का कर्ज लिया जाना है।
इस पैसे को सरकार बिजली बोर्ड को देगी। हाल ही में केंद्र सरकार ने हिमाचल को उदय योजना में शामिल किया है। इस योजना में शामिल हिमाचल देश का 18वां राज्य बन गया है। इसके तहत बिजली बोर्ड को जो ऋण लेना है, उसका 75 प्रतिशत हिमाचल सरकार वहन कर रही है। बोर्ड को महज 25 फीसदी ऋण ही देना होगा। बोर्ड को जब राहत मिलेगी तो इस पर बिजली की दरें बढ़ाने का भी दबाव कम रहेगा।