सरकारी नौकरी में एक फीसदी आरक्षण की मांग को लेकर संघर्षरत प्रदेश दृष्टिहीन संघ ने सचिवालय शिमला के बाहर चक्का जाम किया। सुबह 11 बजे से 11 बजकर 40 मिनट तक संघ के सदस्यों ने छोटा शिमला की मुख्य सड़क पर बैठकर प्रदर्शन किया। इस दौरान वाहनों की आवाजाही बंद रही। आंदोलन को उग्र होता देख मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने संघ के पदाधिकारियों को वार्ता के लिए बुलाया।
मुख्यमंत्री से सभी मांगों को पूरा करने का आश्वासन मिलने के बाद संघ के सदस्य शांत हुए और प्रदर्शन को बंद किया। सरकार ने 16 और 17 फरवरी को संघ के साथ बैठक करने का फैसला लिया है। उधर, मुख्यमंत्री के आदेशानुसार मुख्य संसदीय सचिव नंद लाल ने आईजीएमसी जाकर दृष्टिहीन संघ के आमरण अनशन पर बैठने के कारण अस्पताल में उपचाराधीन दोनों युवकों को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया।
16 और 17 फरवरी को सरकार करेगी दृष्टिहीन संघ के साथ वार्ता
सोमवार सुबह 11 बजे प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आए दृष्टिहीन संघ के सदस्यों ने छोटा शिमला में सचिवालय के पास सड़क पर बैठकर चक्का जाम कर दिया। अध्यक्ष शोभू राम ने बताया कि 14 दिनों तक संघ ने आमरण अनशन किया है। उन्होंने मांग की कि एक फीसदी आरक्षण के अलावा बेरोजगार दृष्टिहीनों को भी बसों में सफर करने के लिए निशुल्क सुविधा मिलनी चाहिए।
दृष्टिहीन कोटे में नियमों को ताक पर रखकर नियुक्तियों में हुए फर्जीवाडे़ की उच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए। कहा कि पथ परिवहन निगम और सचिवालय में फर्जीवाड़ा कर दृष्टिहीन लोगों की नौकरियों पर झूठे मेडिकल प्रमाणपत्र बनाकर कई लोगों ने नौकरियां प्राप्त की हैं। संघ के प्रवक्ता पंकज ठाकुर, शिशुपाल, सूरज, रिंकू, विकास, अजय शर्मा, मिलाप सिंह, लक्की, याद राम, विजय कुमार, कमल, गोपाल सिंह, महेंद्र और विकास सहित कई अन्य मौजूद रहे।
उधर, मुख्य संसदीय सचिव नंद लाल सोमवार दोपहर सवा एक बजे आईजीएमसी पहुंचे। अस्पताल के मेल मेडिकल यूनिट संघ के दो सदस्यों को जूस पिलाकर अनशन समाप्त करवाया। उन्होंने सूरत शर्मा (22) और दयावंत (29) को जूस पिलाया। मुख्य संसदीय सचिव ने बताया कि संघ की मांगों को सरकार के समक्ष रखा जाएगा।
अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर एवं स्टोर इंचार्ज डॉ. साद रिजवी ने बताया कि दोनों सदस्यों की हालत में सुधार है। भूख हड़ताल खत्म करने के बाद इन्हें खाना उपलब्ध करवाया गया है। इस मौके पर आईजीएमसी प्रिंसिपल का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे प्रोफेसर डॉ. आरके सीम, नर्सिंग सुपरिटेडेंट आरडी नेगी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भजन देव नेगी मौजूद रहे।
चार फरवरी को अस्पताल में भर्ती हुए थे दोनों
चार फरवरी की रात आमरण अनशन पर बैठे दोनों युवकों को आईजीएमसी लाया गया था। अनशन पर बैठे होने के कारण इनकी हालत खराब हो गई थी। उपचार के लिए इन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था। दोनों युवकों ने डॉक्टरी इलाज लेने से मना कर दिया था। इसके बाद वह अस्पताल में दाखिल रहे।