मंगलवार को जारी निर्देशों के अनुसार सामान्य तौर पर उसी कर्मचारी का तबादला किया जा सकेगा, जिसने वर्तमान तैनाती स्थल पर तीन वर्ष का सामान्य कार्यकाल पूरा कर लिया हो। मंत्रियों को भी केवल ऐसे ही कर्मियों के तबादलों को मंजूरी देने का अधिकार होगा। सरकार ने तबादलों पर सख्त सीमा तय करते हुए कहा है कि किसी भी विभाग में तबादले कैडर की कुल संख्या के तीन फीसदी से अधिक नहीं होंगे। इसका पालन सुनिश्चित करना विभागाध्यक्ष, प्रबंध निदेशक, मुख्य कार्यकारी अधिकारी या रजिस्ट्रार की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी। यदि किसी का तबादला कम अवधि, कम दूरी या अन्य विशेष परिस्थितियों में करना है, तो मुख्यमंत्री की मंजूरी अनिवार्य होगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि ग्रुप-सी और ग्रुप-डी कर्मचारी सीधे अपने विभाग में तबादले के लिए आवेदन कर सकेंगे। हालांकि, आवेदन पर निर्णय पूरी तरह प्रशासनिक जरूरत और तय नियमों के अनुसार ही होगा।