हिमाचल के सरकारी स्कूलों में नब्बे फीसदी हाजिरी दर्ज करने पर दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि बढ़ाने को अब अफसरशाही भी गंभीर हो गई है। बीते 47 साल से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली बेटियों को प्रतिमाह महज दो रुपये की छात्रवृत्ति राशि को बढ़ाने के लिए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य सरकार को प्रस्ताव भेजा है।
गर्ल्स अटेंडेंस स्कॉलरशिप को सालाना 20 रुपये की जगह 300 रुपये करने की सरकार से मांग की गई है। संभावित है कि मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह इस साल के बजट भाषण में इस राशि को बढ़ाने के लिए घोषणा कर सकते हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने राशि में बढ़ोतरी के लिए प्रस्ताव भेजने की पुष्टि की है।
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली पहली से पांचवीं कक्षा में पढ़ने वाली उन लड़कियों को सरकार सालाना 20 रुपये की छात्रवृत्ति देती है, जिनकी कक्षा में हाजिरी 90 प्रतिशत से अधिक हो। इस राशि को बढ़ाकर 300 रुपये करने का प्रस्ताव प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने राज्य सरकार को भेजा है।
वित्त महकमे के पास इन दिनों इस प्रस्ताव की फाइल पड़ी हुई है। वित्त महकमे ने प्रस्ताव को अगर हरी झंडी दी तो हजारों छात्राओं के साथ बीते 47 साल से हो रहा मजाक आखिरकार खत्म होगा। इसके अलावा प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने लाहौल स्पीति पैटर्न स्कॉलरशिप स्कीम के तहत जिला के पहली से पांचवीं कक्षा के बच्चों को सालाना 80 रुपये दी जाने वाली छात्रवृत्ति राशि को भी बढ़ाकर 300 रुपये करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा है।