प्रदेश में पांच हजार से अधिक बहुमंजिला भवन नियमित नहीं हो पाएंगे। प्रदेश सरकार विधानसभा में टीसीपी एक्ट में संशोधन करने जा रही है। विधानसभा में इस विधेयक को मंजूरी के लिए लाया जा रहा है।
इस एक्ट में प्रदेश में 6 मंजिल तक के अवैध भवनों को नियमित करने की बात कही गई है। हालांकि प्रदेश में छह से अधिक मंजिलों के हजारों भवन बने हैं। इस एक्ट में इन भवन मालिकों को राहत नहीं दी गई है।
ऑल इंडिया आर्किटेक्ट्स एसोसिएशन ने प्रदेश सरकार से हिमाचल में बने भवनों को यथास्थिति में नियमित करने की मांग की थी।
एक्ट में संशोधन करेगी सरकार
ऑल इंडिया आर्किटेक्ट प्लानर एसोसिएशन के संयुक्त सचिव नीरज रघुवंशी ने कहा कि सरकार जब एक्ट में संशोधन करने जा रही थी उस वक्त एसोसिएशन ने कार्यालय में अपनी आपत्तियां दर्ज कराई थी।
इसमें कहा गया था कि प्रदेश में जैसे भवन बने हैं उन्हें एक बार वैसे ही नियमित किया जाए। इसके बाद अगर कोई भवन मालिक अवैध निर्माण या अतिक्रमण करता है तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए।
टीसीपी विभाग ने भी इस पर विचार करने का आश्वासन दिया था। लेकिन अब जो एक्ट में संशोधन किया जा रहा है, उसमें सिर्फ 25 हजार अवैध भवनों को राहत मिल सकती है।
कानूनी कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने कहा कि एक्ट के दायरे से बाहर रहने वाले लोग विरोध करना शुरू कर देंगे। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह बिना शर्त सभी भवनों को नियमित करे।
शहरी आवासीय मंत्री सुधीर शर्मा ने बताया कि टीसीपी एक्ट को विधानसभा में मंजूरी के लिए लाया जा रहा है। 4 अगस्त को सिलेक्ट कमेटी की बैठक बुलाई गई है। एक्ट में ज्यादा से ज्यादा लोगों को राहत मिलने जा रही है।
उन्होंने कहा कि एक बार लोगों को राहत मिलेगी लेकिन इसके बाद डेविएशन व अवैध निर्माण करने वालों पर कानूनी कार्रवाई होगी।