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हिमाचल में तलाशी जा रहीं अवैध खनन पर ड्रोन से नजर रखने की संभावनाएं

Wed, 26 Dec 2018 09:20 PM IST
ashok chauhan न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
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सरकार ने अवैध खनन से जुड़े जनहित मामले में कोर्ट को बताया कि संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाना उतना फायदेमंद नहीं है, जितनी उम्मीद की जा रही थी। इसलिए अवैध खनन पर ड्रोन से नजर रखने की संभावनाएं तलाशी जा सकती हैं।

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पिछली सुनवाई में सरकार ने कोर्ट को बताया था कि सिरमौर की संवेदनशील जगहों पर सीसीटीवी लगाने की प्रक्रिया पूरी कर ली है। कैमरे लगाने के लिए स्टेट इलेक्ट्रॉनिक डेवलपमेंट कारपोरेशन को पैसा दे दिया है।

सोलन, ऊना व कांगड़ा जिले के नूरपुर में कैमरे लगाने की प्रक्रिया जारी है। इलेक्ट्रानिक कारपोरेशन को आगामी प्रक्रिया शीघ्रता से पूरी करने को आदेश दिए जा चुके हैं।

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कोर्ट ने दिए ये आदेश

कोर्ट ने उम्मीद जताई थी कि कारपोरेशन दो सप्ताह में यह प्रक्रिया पूरी कर लेगी। कोर्ट ने भू वैज्ञानिक को शपथपत्र से यह बताने के आदेश दिए थे कि अवैध खनन के संवेदनशील स्थानों पर सीसीटीवी लगाने की ताजा स्थिति क्या है।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश अजय मोहन गोयल की खंडपीठ के समक्ष भू वैज्ञानिक की ओर से बताया गया कि कैमरों लगाने से उनकी चोरी की संभावनाएं बहुत ज्यादा हैं।

कोर्ट ने सरकार को अवैध खनन रोकने व उस पर निगरानी के लिए ड्रोन की मदद से नजर रखने के सुझाव पर रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के आदेश दिए। हाईकोर्ट ने प्रदेश में खनन माफि या से निपटने व खनिजों के उचित दोहन को पॉलिसी बनाने के आदेश भी दिए थे। अगली सुनवाई 11 मार्च को होगी।
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