हिमाचल सरकार ने राज्य के हजारों स्कूलों में मिड-डे मील की दरें बढ़ा दी हैं। राज्य सरकार ने प्राइमरी स्तर पर 27 और मिडल स्तर पर 40 पैसे प्रति छात्र के हिसाब से ये दरें बढ़ाई हैं। केंद्र सरकार ने ईंधन की लागत बढ़ाने के लिए यह अतिरिक्त बजट राज्य सरकार को दिया है। इसके बाद ही राज्य सरकार ने इन दरों में बढ़ोतरी की है।
बढ़ती महंगाई की वजह से राज्य सरकार ने ईंधन की लागत बढ़ाने की मांग की थी। हिमाचल में मिडल स्कूलों की संख्या लगभग साढ़े चार हजार और प्राइमरी स्कूलों की लगभग साढ़े 11 हजार है। ये निर्देश इन सभी स्कूलों में लागू होंगे। हिमाचल सरकार में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक मनमोहन शर्मा ने जानकारी दी है कि प्रदेश सरकार ने मध्याह्न भोजन योजना के तहत पहली कक्षा से आठवीं कक्षा तक के सरकारी और सरकार से अनुदान प्राप्त गैर सरकारी पाठशालाओं में शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थियों के मध्याह्न भोजन की दरें बढ़ा दी हैं।
ये दरें प्राथमिक स्तर पर पहली कक्षा से पांचवीं कक्षा के लिए पहले 3.86 से बढ़ाकर 4.13 रुपये की गई हैं। इसी तरह से माध्यमिक स्तर पर छठी से आठवीं कक्षा के लिए 5.78 से 6.18 रुपये की गई हैं। इससे संबंधित सूचना को सभी जिला और खंड स्तर के शिक्षा अधिकारियों को भेज दिया गया है।
उन्हें निर्देश जारी किए गए हैं कि वे अपने अधीनस्थ सभी शिक्षण संस्थानों और पाठशाला प्रबंधन समितियों को नई बढ़ी हुई दरों को लागू करने के लिए कहें। मनमोहन शर्मा ने कहा कि केंद्र सरकार के स्तर पर ही ईंधन की लागत बढ़ाने का फैसला किया गया था। यह उसी का असर है।