हिमाचल प्रदेश के विभिन्न जिलों में नियुक्त सीएंडवी शिक्षकों और जेबीटी का तबादला कोटा एक फीसदी से बढ़ाकर तीन फीसदी कर दिया गया है। मंत्रिमंडल ने तबादला कोटा बढ़ाने के साथ 13 साल का सेवाकाल और रिलीवर देने की शर्त को बरकरार रखा है। शिक्षक संगठनों ने 13 साल के सेवाकाल को घटाकर पांच साल करने की सरकार से मांग उठाई थी।
सीएंडवी और जेबीटी का जिला कैडर है। सरकार ने शिक्षकों की नियुक्ति करते समय पांच जिलों का विकल्प दिया था। गृह जिला में वापसी के लिए सरकार ने पहली नियुक्ति वाले स्कूल में न्यूनतम 13 साल सेवाएं देने की शर्त रखी है। एक फीसदी तबादले कोटे के चलते बहुत कम शिक्षकों को इसका लाभ मिल पा रहा था।
शिक्षक संगठनों की मांग के बाद सरकार ने तबादला कोटा में दो फीसदी की बढ़ोतरी की है। हालांकि 13 साल के लंबे सेवाकाल की शर्त में कोई छूट नहीं दी है। कुछ मंत्रियों की ओर से इस कोटे को पांच फीसदी करने की मांग भी उठाई गई, मगर इस पर सहमति नहीं बनी।