हिमाचल में वर्तमान मेें टीबी के करीब 16000 मरीज हैं। इनमें से करीब 420 को एमडीआर टीबी के उपचाराधीन हैं। कुल 650 रोगी एमडीआर के हैं। राज्य क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम अधिकारी डा. आरके बारया ने बताया कि राज्य की यह योजना केंद्र सरकार के संशोधित राष्ट्रीय क्षयरोग नियंत्रण कार्यक्रम से अलग है। हम डोर-टू-डोर मुहिम चलाएंगे।
केंद्र सरकार ने देश को वर्ष 2025 तक टीबीमुक्त करने का लक्ष्य तय किया है, जबकि हिमाचल का लक्ष्य 2021 तक का है। इसके तहत प्रत्येक रोगी को 500 रुपये प्रति माह देने का प्रावधान किया गया है। मगर हिमाचल ने खुद भी मुख्यमंत्री क्षय रोग उन्मूलन योजना को लागू कर दिया है। इसमें दो करोड़ रुपये का बजट प्रावधान भी हो गया है।