पांच लाख के लेन-देन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के वायरल ऑडियो मामले में में विजिलेंस के रडार पर चल रहे पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एके गुप्ता और रिकॉर्डिंग करने वाला एजेंट जिला छोड़कर नहीं जा सकेंगे। विजिलेंस ने दोनों आरोपियों के बिना सूचना दिए जिला छोड़ने पर रोक लगा दी है। विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि चूंकि दोनों आरोपियों को लगातार किसी न किसी जानकारी के लिए मुख्यालय तलब किया जा रहा है।
ऐसे में दोनों को जिला न छोड़ने को कह दिया गया है। बता दें, मंगलवार को दोनों से ब्यूरो ने घंटों पूछताछ की थी। दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी क्रॉस सवाल किए गए, जिनके जवाब दोनों को ही देने में मुश्किल का सामना करना पड़ा। दोनों ने पूछताछ में पैसा मांगे जाने को लेकर हुई बातचीत तो स्वीकार की है, लेकिन दोनों में से किसी ने भी इस बात का जवाब नहीं दिया कि अगर पैसे नहीं लिए या दिए गए तो फिर दोनों की मुलाकात क्यों हुई।
मुलाकात उसी दिन हुई जिस दिन फोन रिकॉर्डिंग की गई। ऐसे में इस बड़े सवाल का ठोस जवाब दोनों में से किसी के पास नहीं है। सूत्रों का कहना है कि ब्यूरो का सारा ध्यान अब फोरेंसिक से आने वाली दोनों के फोन की रिपोर्ट पर है। माना जा रहा है कि उस रिपोर्ट से मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब निकल जाएंगे, जिसके बाद चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।