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पूर्व स्वास्थ्य निदेशक के वित्तीय लाभ रोके, शिमला छोड़कर जाने पर भी लगाई पाबंदी

Thu, 04 Jun 2020 01:25 PM IST
अरविन्द ठाकुर अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
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सांकेतिक तस्वीर
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उपकरण खरीद की पेमेंट रिलीज करने को 5 लाख रुपये की कमीशन लेने के आरोप में फंसे पूर्व निदेशक के वित्तीय लाभ सरकार ने रोक दिए हैं। अभी सरकार मामले को एग्जामिन कर रही है। जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक पूर्व निदेशक को न तो पेंशन लगेगी और न ही ग्रेच्युटी, लीव इन कैशमेंट का पैसा भी जारी नहीं किया जाएगा। मामला विजिलेंस में चल रहा है। स्वास्थ्य महकना भी अपने स्तर पर जांच कर रहा है। अब तक जांच में पाया गया है कि उपकरण खरीद में गड़बड़ी नहीं हुई है।

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पेमेंट रिलीज कराने को लेकर 5 लाख रुपये मांगने की बात हुई है। अधिकारी की ऑडियो में इस तरह की बात हुई है। उल्लेखनीय है कि पेमेंट रिलीज मामले में पैसा मांगने के आरोप में स्वास्थ्य विभाग ने मामला विजिलेंस को सौंपा है। इसमें आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। इसी बीच, सरकार ने पूर्व निदेशक को सस्पेंड किया है। इन दिनों आरोपी बेल पर है। अतिरिक्त मुख्य सचिव स्वास्थ्य आरडी धीमान के पास मामले को एग्जामिन किया जा रहा है। पूर्व निदेशक का मामला विजिलेंस में होने के कारण वित्तीय लाभ बंद हैं।

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पांच लाख के लेन-देन से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के वायरल ऑडियो मामले में में विजिलेंस के रडार पर चल रहे पूर्व स्वास्थ्य निदेशक डॉ. एके गुप्ता और रिकॉर्डिंग करने वाला एजेंट जिला छोड़कर नहीं जा सकेंगे। विजिलेंस ने दोनों आरोपियों के बिना सूचना दिए जिला छोड़ने पर रोक लगा दी है। विजिलेंस सूत्रों का कहना है कि चूंकि दोनों आरोपियों को लगातार किसी न किसी जानकारी के लिए मुख्यालय तलब किया जा रहा है।

ऐसे में दोनों को जिला न छोड़ने को कह दिया गया है। बता दें, मंगलवार को दोनों से ब्यूरो ने घंटों पूछताछ की थी। दोनों को आमने-सामने बैठाकर भी क्रॉस सवाल किए गए, जिनके जवाब दोनों को ही देने में मुश्किल का सामना करना पड़ा। दोनों ने पूछताछ में पैसा मांगे जाने को लेकर हुई बातचीत तो स्वीकार की है, लेकिन दोनों में से किसी ने भी इस बात का जवाब नहीं दिया कि अगर पैसे नहीं लिए या दिए गए तो फिर दोनों की मुलाकात क्यों हुई।

मुलाकात उसी दिन हुई जिस दिन फोन रिकॉर्डिंग की गई। ऐसे में इस बड़े सवाल का ठोस जवाब दोनों में से किसी के पास नहीं है। सूत्रों का कहना है कि ब्यूरो का सारा ध्यान अब फोरेंसिक से आने वाली दोनों के फोन की रिपोर्ट पर है। माना जा रहा है कि उस रिपोर्ट से मामले से जुड़े कई सवालों के जवाब निकल जाएंगे, जिसके बाद चार्जशीट दाखिल करने की प्रक्रिया शुरू कर सकती है।
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