कृषि विभाग द्वारा पंजीकृत मशीनरी से हादसा होने वाले किसानों को ही यह मुआवजा दिया जाएगा। विभाग द्वारा ट्रैक्टर, पावर टिलर, वीडर, ऊर्जा चालित हल, रीपर और बाइडर मशीन, पावर थ्रेशर, घास काटने की मशीन, औजार, उपकरण, नलकूप, बोरवेल और पंपिंग सेट लघु लिफ्ट शामिल किए हैं।
पंजीकृत उपकरणों से हादसे पर ही मिलेगा मुआवजा
कृषि निदेशक डॉ. राजेंद्र कुमार वर्मा ने बताया कि किसानों द्वारा जो उपकरण पंजीकृत करवाए गए हैं उन्हीं से हादसा होने पर किसानों को मुआवजा दिया जाएगा। किसानों को मशीन चलाने के लिए सुरक्षा का खास ध्यान देना चाहिए और बच्चों को मशीन से दूर रखना चाहिए। मुआवजा किसानों को दो माह के भीतर दिया जाएगा।