वीआईपी और आपदा से निपटने के लिए सरकार की ओर से लीज पर लिए जाने वाले दो हेलीकॉप्टरों का मामला लटक गया है। देश की 18 हवाई कंपनियों में से तीन कंपनियों को शार्ट लिस्ट किया था। बिड में तीनों कंपनियां क्वालिफाई नहीं कर पाई हैं। सचिवालय सामान्य प्रशासन मामले को सरकार के ध्यान में लाया है। बताया जा रहा है कि सरकार ने नए सिरे से टेंडर आमंत्रित करने की बात कही है।
सरकार को 15 हजार फीट तक उड़ान की क्षमता वाला हेलीकॉप्टर चाहिए। सचिवालय सामान्य प्रशासन ने कंपनियों से आवेदन मांगे थे। 26 सितंबर को तीन हवाई सेवा कंपनियों की बिड खुली थी। इसमें स्काई एयरवेज, ग्लोबल वेक्टरा और थंबाई एविएशन हवाई सेवा कंपनी ने भाग लिया।
तीनों के पास एमआई-71 हेलीकॉप्टर नहीं हैं। सरकार वर्तमान में पवन हंस हवाई सेवा कंपनी के एक हेलीकॉप्टर की सेवाएं ले रही है। इसका प्रयोग वीआईपी ड्यूटी के साथ हेली टैक्सी सेवा के लिए किया जा रहा है। हेली टैक्सी के तहत पवन हंस हवाई सेवा कंपनी का हेलीकॉप्टर शिमला से चंडीगढ़ और चंडीगढ़ से शिमला के लिए उड़ान भर रही है।
आने वाले दिनों में धर्मशाला से चंडीगढ़ और मनाली से रोहतांग के लिए हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया गया है। रोहतांग में हेली टैक्सी सेवा शुरू करने के लिए ट्रायल भी हो चुका है। इसके लिए सरकार को अतिरिक्त हेलीकॉप्टर चाहिए।