अश्वनी ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से उनको जेसीसी के लिए पत्र मिल गया है। अब महासंघ की कार्यकारिणी का विस्तार भी हफ्ते के भीतर कर दिया जाएगा। विभागों के कर्मचारियों से जुड़े मसलों को लेकर चर्चा की जाएगी।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने अपने शासनकाल के तीन साल बाद आखिर अश्वनी गुट के हिमाचल प्रदेश कर्मचारी महासंघ को मान्यता दे दी है। लंबे इंतजार के बाद सरकार ने बुधवार को पत्र भेजकर संयुक्त सलाहकार समिति (जेसीसी) की बैठक के लिए अश्वनी शर्मा के नेतृत्व वाले महासंघ को बुला लिया है। हालांकि, प्रदेश सरकार ने अभी बैठक की तारीख तय नहीं की है। महासंघ के नेता बुधवार को मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मुलाकात करेंगे। अब महासंघ के नेता शीघ्र कर्मचारियों के मसलों को लेकर एक ज्ञापन सरकार को सौंपेंगे।
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अश्वनी ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार की ओर से उनको जेसीसी के लिए पत्र मिल गया है। अब महासंघ की कार्यकारिणी का विस्तार भी हफ्ते के भीतर कर दिया जाएगा। विभागों के कर्मचारियों से जुड़े मसलों को लेकर चर्चा की जाएगी। इसके बाद ज्ञापन तैयार करके सरकार को सौंपा जाएगा ताकि जेसीसी में इन पर विस्तार से चर्चा की जा सके। प्रदेश के कर्मचारियों के कई मसले लंबित हैं। इनमें संशोधन वेतनमान जारी करने, विभागों में रिक्त पदों को भरने की मांग प्रमुख है। उल्लेखनीय है कि हिमाचल प्रदेश में विनोद कुमार के नेतृत्व में हिमाचल प्रदेश अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ भी समानांतर सक्रिय है।