धर्मशाला शहर हिमाचल प्रदेश का दूसरा नगर निगम बन गया है। नगर परिषद धर्मशाला को नगर निगम का दर्जा दिया गया है। यह फैसला हिमाचल मंत्रिमंडल ने लिया है। मंत्रियों ने भी फाइल पर रजामंदी की मुहर लगा दी है। अब जल्द ही प्रदेश सरकार इसकी अधिसूचना जारी करेगी। इस बारे में केंद्र सरकार को भी सूचना भेज दी गई है।
वर्तमान में धर्मशाला में नगर परिषद है। नगर निगम धर्मशाला के दायरे में साथ लगती पंचायतों को शामिल किया जा रहा है। ये पंचायतें रामनगर, श्यामनगर, सिद्धबाड़ी और दाड़ी आदि हैं। धर्मशाला को नगर निगम बनाने का प्रस्ताव लंबे समय से विचाराधीन था।
अपने निर्वाचन क्षेत्र में आने वाले नगर निगम की शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा ने पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शनिवार को सर्कुलेशन के माध्यम से भेजी गई फाइल पर सभी मंत्रियों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं। सुधीर शर्मा ने इस फैसले के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और मंत्रिमंडल के तमाम सदस्यों का आभार जताया है।
नगर निगम के लिए 50 हजार जनसंख्या जरूरी- नगर निगम के लिए 50 हजार की जनसंख्या जरूरी होती है। नगर परिषद की आय भी पांच करोड़ से ज्यादा होनी चाहिए। आसपास की पंचायतों को मिलाने के बाद धर्मशाला नगर निगम की इस शर्त को पूरा करता है। जितनी अधिक जनसंख्या होगी, उतनी ही केंद्र सरकार से अधिक आर्थिक मदद मिलेगी।