प्रदेश के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम में इस वर्ष शामिल होने वाले योग, संगीत और शतरंज का विषय सपना बनकर रह गया है। उक्त विषय के लिए पाठ्यसामग्री के कंटेंट तैयार करने को एससीईआरटी के पास बजट ही नहीं है। हालांकि, ये विषय शामिल करने को एससीईआरटी ने सितंबर 2018 में आला अधिकारियों को बजट के लिए प्रस्ताव भेजा था, लेकिन कुछ नहीं हुआ।
करीब तीन माह पहले एससीईआरटी ने फिर आला अधिकारियों को बजट की रिमाइनिंग रिपोर्ट भेजी। इसमें करीब छह लाख पाठ्यसामग्री का कंटेंट तैयार करना था, लेकिन बजट नहीं भेजा गया। इस कारण इस वर्ष पहली से दसवीं कक्षा के लिए उक्त विषय को शामिल नहीं किया जा सका। इससे योग, संगीत और शतरंज जैसे दिमागी कसरत वाले खेल को प्रदेश में लोकप्रिय बनाने की मुहिम को झटका लगा है।
यह थी योजना
सरकारी स्कूलों में पांचवीं कक्षा से विद्यार्थियों को जागरूक करने के लिए योग और म्यूजिक विषय पर पुस्तक तैयार की जानी थी। 10वीं कक्षा के लिए भी एक पाठ्य पुस्तक तैयार करने की योजना है, जिसका विषय योग होगा। शतरंज खेल को बढ़ावा देने के लिए 12वीं कक्षा की शारीरिक शिक्षा की पुस्तक के लिए इस खेल से संबंधित पाठ तैयार किया जाना था।
इसकी पाठ्य सामग्री एकत्रित करने के लिए एससीईआरटी सोलन को जिम्मेवारी दी गई थी। इसके लिए विभाग की ओर से टीमों का गठन किया गया था। टीम ने सामग्री जुटाना भी शुरू कर दिया था, लेकिन बजट उपलब्ध नहीं हो पाया।
बजट मिलने के बाद होगा पाठ्यक्रम तैयार
एससीईआरटी सोलन की प्रिंसिपल डॉ. नम्रता टिक्कू ने बताया कि सरकार ने पांचवीं के लिए योग और म्यूजिक की जानकारी देने के लिए पुस्तक और 10वीं कक्षा के लिए योग की पाठ्य पुस्तक व 12वीं कक्षा के लिए शतरंज खेल पर पाठ तैयार करने के लिए प्रपोजल मांगा था। इसे तैयार करने के लिए सितंबर 2018 में बजट को प्रस्ताव भेजा था, लेकिन राशि न मिलने से इस वर्ष उक्त विषयों को पाठ्यक्रम नहीं जोड़ा जा सका है। बजट के लिए दोबारा रिमाइनिंग रिपोर्ट भेजी है।