बीएड, टेट पास नहीं करने वाले और स्नातक में 50 फीसदी से कम अंक लेने वाले प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पीटीए पर तैनात शिक्षकों पर सरकार ने शिकंजा कस दिया है। इन्हें ग्रांट इन एड के तहत मिलने वाला मानदेय बंद हो जाएगा। उच्च और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने जिला उपनिदेशकों से शिक्षकों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता का ब्योरा तलब किया है।
प्रदेश सरकार ने अगस्त 2016 तक ऐसे शिक्षकों को न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को पूरा करने का मौका दिया था। निदेशालय एक माह के भीतर ऐसे शिक्षकों की सूची तैयार करेगा, जिन्होंने सरकार के आदेशानुसार न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता को पूरा नहीं किया है। हालांकि, ऐसे शिक्षकों की छुट्टी नहीं की जाएगी। इन्हें स्थानीय स्कूल स्तर पर पीटीए फंड से मानदेय मिलता रहेगा, लेकिन सरकार की ओर से दी जाने वाली ग्रांट इन एड बंद हो जाएगी।