इस संबंध में वन विभाग की ओर से डीएफओ कुल्लू डॉ नीरज चढ्डा ने एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्ट को कारण बताओ नोटिस भेजा है। नोटिस के माध्यम से एतिहात बरतने को लेकर अंडरटेकिंग भी मांगी गई है और उनके द्वारा नष्ट किए गए क्षेत्र को दोबारा सही करने के कदम उठाने के बारे में कहा गया है।
प्रशासन व वन विभाग की सख्त कार्रवाई के बावजूद एनएचएआई की ओर से धड्डले से अवैध डंपिंग जारी है। पूर्व में दो बार नोटिस दिए जा चुके हैं। जिसमें 11 लाख रुपये जुर्माना वसूल लिया गया है।
अब तीसरी बार नोटिस देते हुए करीब 10 लाख रुपये का जुर्माना किया गया है। इधर, डीएफओ कुल्लू डॉ नीरज चड्ढा ने बताया कि नियमों की अनदेखी पर एनएचएआई को जुर्माना किया गया है। इस संबंध में नोटिस भेजा गया है।