प्रदेश सरकार ने 1988 बैच के आईएफएस अधिकारी राजीव कुमार को वन विभाग का दायित्व सौंपा है। विभागीय पदोन्नति कमेटी की सिफारिश पर उन्हें प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल (हेड ऑफ फोरेस्ट फोर्स) के पद पर तैनाती दी गई है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने 1988 बैच के आईएफएस अधिकारी राजीव कुमार को वन विभाग का दायित्व सौंपा है। विभागीय पदोन्नति कमेटी की सिफारिश पर उन्हें प्रधान मुख्य वन अरण्यपाल (हेड ऑफ फोरेस्ट फोर्स) के पद पर तैनाती दी गई है। इसे लेकर मुख्य सचिव प्रबोध सक्सेना ने शुक्रवार को आदेश जारी किए। इससे पहले राजीव कुमार वन विभाग का अतिरिक्त कार्यभार देख रहे थे। साल 2000 में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर पर्यावरण और वन मंत्रालय में सेवाएं दे चुके हैं। इन्हें गृह मंत्रालय में निदेशक सहित विभिन्न स्तरों पर भारत सरकार में लगभग 17 वर्षों तक काम का अनुभव है। खतरनाक लैंटाना घास प्रभावित क्षेत्रों के पुनर्वास से संबंधित कार्यक्रम की शुरूआत का श्रेय भी इन्हें दिया जाता है।
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सीएम के करीबी अतुल बने कौशल विकास निगम के समन्वयक
उधर, प्रदेश कांग्रेस के सचिव और स्वतंत्रता सेनानी लाला भगत राम कड़ोहता के पौत्र अतुल कड़ोहता को प्रदेश सरकार ने प्रदेश कौशल विकास निगम का समन्वयक नियुक्त किया है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू का करीबी होने का उन्हें फायदा मिला है। अतुल कड़ोहता वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव और मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के विधानसभा क्षेत्र नादौन के प्रभारी भी हैं। अतुल कड़ोहता 2014 से लेकर अब तक कांग्रेस कमेटी में कई पदों पर कार्य कर चुके हैं। नियुक्ति से भोरंज विधानसभा क्षेत्र के युवाओं में खुशी की लहर है और पैतृक गांव कड़ोहता में इस खुशी पर लड्डू बांटे गए तथा पटाखे चलाए गए। अतुल कड़ोहता ने इस नियुक्ति पर मुख्यमंत्री सुक्खू और भोरंज विधायक सुरेश कुमार का आभार प्रकट किया है।