हिमाचल प्रदेश के शून्य संख्या वाले चार स्कूलों को राज्य सरकार ने बंद करने का फैसला लिया है, जबकि 38 का दर्जा घटा दिया गया है। डाउनग्रेड किए गए 10 स्कूलों में इस साल एक भी विद्यार्थी ने दाखिला नहीं लिया है। इसके अलावा 28 स्कूलों में विद्यार्थियों की संख्या पांच से कम है।
जिन चार हाई स्कूलों को बंद करने का फैसला लिया गया है, उनमें चंबा का नयाग्रां, किन्नौर का हंगो, शिमला का कूट और सिरमौर का पमटा स्कूल शामिल है। शून्य छात्र संख्या वाले जिन 10 स्कूलों का दर्जा घटाया गया है, इनमें कुल्लू के हाई स्कूल बुरवा को मिडल कर दिया गया है। इसके अलावा नौ वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों चंबा के कुथेड, छन्नू, कुल्लू के सराहर, मलाणा, सोलन के गनोल, मंडी के पोरला, शिमला के रनोल व धार तारपुनू और रोहल का दर्जा कम कर हाई स्कूल कर दिया है।
पांच छात्र संख्या वाले जो 28 स्कूल डाउनग्रेड किए गए हैं, उनमें से 12 वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों में मात्र 36 विद्यार्थी पढ़ रहे थे, जबकि 16 हाई स्कूलों में संख्या 68 थी। कुल 104 विद्यार्थी संख्या वाले इन 28 स्कूलों में 134 शिक्षक और गैर शिक्षक कार्यरत थे। शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर के गृह जिला शिमला में सबसे अधिक 22 स्कूलों डाउनग्रेड किए गए हैं। बुधवार को शिक्षा विभाग की ओर से इस बाबत अधिसूचना जारी की गई। डाउनग्रेड स्कूलों में कार्यरत शिक्षक और गैर शिक्षक अन्य स्कूलों में स्थानांतरित होंगे।
पांच छात्र संख्या वाले इन 28 स्कूलों का दर्जा घटा
पांच छात्र संख्या वाले जिन 28 स्कूलों का दर्जा कम किया गया है, उनमें से वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों को हाई स्कूल और हाई स्कूलों को मिडल बनाया गया है। भौंरा (कांगड़ा), चंबी (मंडी), बरवास (सिरमौर) सहित शिमला के कोटगढ़, जुब्बड़, दमयाना, बोसारी, रत्नाड़ी, कडीवान, झीना, बराच और बाघल वरिष्ठ माध्यमिक स्कूलों का दर्जा कम कर हाई स्कूल कर दिया गया है। घरना (कांगड़ा), त्रास्वान (मंडी), मलहोटी (सिरमौर) और जिला शिमला के लिंगजार, चनोग, मुनीष, ब्राल, अलावांग, कुहल, कांडा, जराशी, जनाहन, गैहा, कचेरी, नागान और गाहन हाई स्कूल का दर्जा कम कर मिडल स्कूल किया गया है।