हिमाचल में विधायकों के दिल्ली और चंडीगढ़ में ठहरने में हो रहे खर्च की सीलिंग नहीं बढ़ेगी। प्रदेश सरकार ने सीलिंग बढ़ाने से इनकार कर दिया है। सरकार ने भले ही विधायकों को दिल्ली और चंडीगढ़ के निजी होटलों में ठहरने के लिए साढ़े सात हजार रुपये तक के कमरे की छूट दी हो, लेकिन वे यह खर्च ढाई लाख रुपये की सीलिंग के भीतर ही कर पाएंगे। यानी साल में इन विधायकों को ढाई लाख रुपये से ज्यादा खर्च नहीं मिलेगा।
अभी तक प्रदेश सरकार विधायकों के दिल्ली और चंडीगढ़ में महंगे होटलों में ठहरने के सारे बिल पास नहीं किए जाते थे। ऐसे में इन विधायकों को हिमाचल भवन या सदन में ही ठहरना होता था। विधायकों ने तर्क दिया है कि सरकार के इन होटलों में बुकिंग रहती है।
ऐसे में विधायकों को कमरे नहीं मिल पाते हैं। कई बार विधायकों को अपने निर्वाचन हलकों की स्कीमों या पार्टी की बैठकों में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली जाना पड़ता है। अंतिम क्षणों में बुकिंग रद्द हो जाती है। अब सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) ने नियमों में बदलाव कर विधायकों को दोनों शहरों में निजी होटल में रहने की छूट दे दी है।
विधायकों को निजी होटलों में ठहरने की छूट देने पर सरकार पर कोई वित्तीय बोझ नहीं पड़ेगा। सीलिंग के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की है। सीलिंग के भीतर ही बिल स्वीकृत किए जाएंगे।
- बीके अग्रवाल, मुख्य सचिव हिमाचल