कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मार्च महीने में अबू धाबी में आयोजित पैरा ओलंपिक में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रदेश के सात विशेष बच्चों को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। साइकलिंग के लिए ऊना के रघुनाथ सिंह, बिलासपुर के शुभम, एथलेटिक्स में मंडी की निशा धवन, वॉलीबाल के लिए मंडी के विनोद कुमार, मंडी के अभिषेक कुमार, बास्केटबाल के लिए मंडी के चिराग और पावर लिफ्टिंग के लिए बिलासपुर की पूजा कुमारी को सम्मानित किया। इनके अलावा खिलाड़ी जतिन सूद, कोच राजकुमार, राजेंद्र नाहटा और जमुना देवी को भी पुरस्कृत किया गया।
पोषण अभियान की सफलता के लिए सरकार ने 11 आईएएस अधिकारियों को भी सम्मानित किया। इनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव निशा सिंह, आरडी धीमान, सचिव आरएन बत्ता, उपायुक्त शिमला अमित कश्यप, उपायुक्त ऊना संदीप कुमार, उपायुक्त कांगड़ा राकेश कुमार प्रजापति, उपायुक्त कुल्लू डॉ. रिचा वर्मा, निदेशक कृषि राकेश कंवर, निदेशक उद्योग हंसराज शर्मा, निदेशक हंसराज चौहान और विशेष सचिव राजेश शर्मा शामिल रहे।
11 डीपीओ सहित निदेशालय का स्टाफ भी सम्मानित
प्रदेश के 11 जिलों के परियोजना अधिकारियों, निदेशालय के अधिकारियों, कर्मचारियों को भी सम्मानित किया गया। इनके अलावा प्रदेश के पांच ब्लाकों झंडूता, मंडी सदर, रामपुर, अंब और धर्मपुर के सीडीपीओ और बीएमओ को भी पुरस्कार दिया गया।
सरकार ने पोषण अभियान को फील्ड में सही तरीके से लागू करने के लिए 13 आंगनबाड़ी केंद्रों के 65 कर्मचारियों की सेवाओं को पुरस्कार देकर सराहा। घुमारवीं के रोहिन केंद्र, मेहला (चंबा) के निचला मेहला केंद्र, बिजड़ी के सरयाणा केंद्र, लंबागांव (कांगड़ा) के मरेरा केंद्र, निचार (किन्नौर) के जनी केंद्र, नग्गर (कुल्लू) के पानगन केंद्र, गोहर (मंडी) के शाला दो केंद्र, जुब्बल (शिमला) के बडरुनी केंद्र, नाहन के छोटा चौक केंद्र, कंडाघाट के दलोग केंद्र, गगरेट के पृथीपुर केंद्र, मंडी के फतोह एक केंद्र और कल्पा (किन्नौर) के एक नालू केंद्र को पुरस्कृत किया गया। इन सभी केंद्रों के आंगनबाड़ी वर्कर, आशा वर्कर, एएनएम, आंगनबाड़ी हेल्पर और सुपरवाइजर को सम्मानित किया गया।