शिकायतकर्ता अजय ठाकुर का कहना है कि अध्यापिका ने राज्य शिक्षक अवार्ड के लिए स्कूल को 70 हजार रुपये डोनेशन देने का हवाला दिया था। आरटीआई के माध्यम से जानकारी मांगी गई थी कि डोनेशन स्कूल के किस हेड में डाला गया और क्या काम इससे किया गया, लेकिन इसकी जानकारी नहीं दी गई।
राज्य सूचना आयुक्त की अदालत में मामला चल रहा है। इसके अलावा एक ही समय में अध्यापिका की एससीईआरटी परीक्षा में ड्यूटी और ज्वालाजी में आयोजित स्काउट एंड गाइड शिविर में हाजिरी लगी है। एजूकेशनल टूर का प्रमाण पत्र लगाया गया है, जबकि स्कूल से एजूकेशनल टूर नहीं गया था।
अध्यापिका ने कहा कि मामले के संबंध में कोई भी जांच नहीं हुई है। विभाग के इन आदेशों को कोर्ट में चुनौती दी जाएगी। अध्यापिका का राज्य शिक्षक अवार्ड रद्द हो गया है। इसके आदेश विभाग से मिले हैं। - केके शर्मा, उच्च शिक्षा उप निदेशक कांगड़ा