मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली प्रोजेक्ट शुरू करने के लिए लक्ष्य निर्धारित किए जाएंगे। पांच हजार मेगावाट के कई प्रोजेक्ट विभिन्न अड़चनों के चलते फंसे हुए हैं। ऐसे में संबंधित विभागों से मिलने वाली मंजूरियों की औपचारिकताओं का सरलीकरण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही ऊर्जा निदेशालय के स्तर पर एक वेबसाइट तैयार की जाएगी।
इस वेबसाइट पर सभी प्रोजेक्टों की जानकारी अपलोड होगी। समय-समय पर इसे अपडेट कर बताया जाएगा कि किस प्रोजेक्ट में क्या कमियां रही हैं। संबंधित विभाग से एनओसी कब मिलेगी। प्रोजेक्ट के निर्माण में कितनी तेजी आई।
इस अवसर पर बोनोफाइड हिमाचली हाइड्रो पावर डेवलेपर्स के अध्यक्ष राजेश शर्मा और हिमालय पावर प्रोडूयसर एसोसिएशन के अध्यक्ष अरुण शर्मा ने मुख्यमंत्री राहत कोष में 11 लाख रुपये का चैक भी भेंट किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ऊर्जा मंत्री अनिल शर्मा ने कहा कि ऊर्जा नीति में संशोधन करने पर पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने उनकी पीठ थपथपा कर रहा था कि जो हम नहीं कर सके वो आपने कर दिखाया है। अनिल शर्मा ने कहा कि इससे स्पष्ट है कि प्रदेश सरकार ने सही दिशा में काम किया है। मंत्री ने कहा कि उत्पादकों को ब्लैकमेल करने वालों के खिलाफ सख्ती कार्रवाई की जाएगी।
उत्पादकों की समस्याएं सुलझाने को बुलाई बैठक- अतिरिक्त मुख्य सचिव तरुण कपूर ने बताया कि बिजली उत्पादकों की समस्याओं को सुलझाने और लंबित प्रोजेक्टों को शुरू करने के लिए 25 जुलाई को शिमला में बैठक बुलाई गई है। उन्होंने उत्पादकों से प्रोजेक्ट निर्माण के समय में कमी लाने का आह्वान करते हुए पंचायतों को बिना सरकार की जानकारी के कोई भी पैसा नहीं देने का आह्वान किया।