तब से कीमतों पर विभाग का कंट्रोल नहीं है। पहले कारोबारियों को खाद्य वस्तुओं के रेट की सूची लगानी होती थी। मंडियों में सबका रेट एक समान होता था, जबसे इनके ऊपर नियंत्रण खत्म हुआ, तबसे कारोबारी मर्जी से रेट घटाते-बढ़ाते हैं।
प्याज की कीमत को लेकर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले विभाग के अफसरों से चर्चा की। जब मुख्यमंत्री ने कीमतों पर नियंत्रण करने के विभाग को निर्देश दिए तो विभाग ने शक्तियां बहाल करने के लिए फाइल चलाई है।
इसके अलावा प्याज की कीमत को लेकर प्रदेश सरकार का केंद्र से वार्तालाप जारी है। अन्य राज्यों की तर्ज पर केंद्र हिमाचल को भी प्याज की सप्लाई भेजेगा।