हिमाचल सरकार ने मानसून के आगमन से पहले अलर्ट घोषित किया है। मुख्य सचिव वीसी फारका ने सभी विभागों को मानसून आने से पूर्व नालों और जलस्रोतों से गाद निकालने, जल स्रोतों से पानी की निकासी, परनालियों से अवरुद्धता हटाने, निकासी प्रणाली और बाढ़ संभावित मैदानों से अतिक्रमण हटाने को कहा है।
उन्होंने उपायुक्तों को स्थापनाओं, मजदूर कॉलोनियों, निचले क्षेत्रों में नदियों और नालों किनारे की बस्तियां खाली करवाने के निर्देश दिए। कहा कि जल विद्युत परियोजना अधिकारियों की बिना पूर्व चेतावनी के बांधों से जल न छोड़ा जाए।
उन्हें 24 घंटे पहले चेतावनी जारी करनी होगी। बांधों से पानी छोड़ने की सूचना स्थानीय प्रशासन और परियोजना क्षेत्र से नीचे रहने वाले लोगों को समय पर देनी चाहिए। फारका वीरवार को मानसून के मद्देनजर जरूरी उपायों को विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों, केंद्रीय एजेंसियों और अन्य हितधारकों के प्रतिनिधियों से बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे।
कहा कि सरकार ने राज्य आपदा प्रबंधन निधि और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि से उपायुक्तों एवं संबंधित विभागों को एहतियातन उपायों के लिए 63.23 करोड़ की राशि जारी की है। लोक निर्माण विभाग को 25 करोड़, सिंचाई एवं जनस्वास्थ्य विभाग को पांच करोड़, विद्युत बोर्ड को दो करोड़, कृषि एवं बागवानी विभागों को 1.2 करोड़ की धनराशि सहित कुल 35 करोड़ जारी किए।
डीसी को तत्काल राहत, अनुग्रह राशि, पेयजल आपूर्ति और शहरी स्थानीय निकायों को मदद देने के लिए 28.23 करोड़ जारी किए हैं। उन्होंने डीसी को संबंधित हितधारकों को सूचना के आदान-प्रदान और बेहतर समन्वय को व्हाट्सएप समूह बनाने की सलाह दी।
उन्होंने कंपनियों को सैलानियों के सूबे में प्रवेश पर उनके मोबाइल पर प्राकृतिक और मानव प्रभावी आपदाओं की जानकारी मैसेज से देने को कहा। स्वास्थ्य विभाग को महामारी तथा जलजनित रोगों की रोकथाम को तत्काल आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। पर्यटकों, ट्रैकरों और आम लोगों को एहतिहातन कदम उठाने को बरती जा रही सावधानी पर जागरूक करने संबंधी दिशा-निर्देश के पर्चे भी बांटने को कहा।
रोजाना नुकसान की रिपोर्ट लेगी सरकार
अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व एवं आपदा प्रबंधन तरुण श्रीधर ने कहा कि उन्होंने जिला आपात संचालन केंद्रों और नियंत्रण कक्षों को क्रियाशील बनाने तथा नित्य प्रति नुकसान की रिपोर्ट तत्काल ली जाएगी। कहा कि आवश्यक वस्तुओं का समय पर प्रावधान, आपात चिकित्सा सेवाएं, संचार और महामारियों जैसी स्थिति की रोकथाम को पर्याप्त तैयारियां होनी चाहिए। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त डॉ. श्रीकांत बाल्दी, पुलिस महानिदेशक संजय कुमार, केंद्रीय एजेंसियों के प्रतिनिधि तथा अन्य हितधारक भी उपस्थित थे।