हिमाचल प्रदेश के डिपो में उपभोक्ताओं को चीनी देना शुरू कर दिया जाएगा, मगर इसे पहले की तरह सस्ता नहीं दिया जा सकेगा। सब्सिडी के बावजूद ये पहले से महंगी मिलेगी।
बीपीएल परिवार को 18 रुपये और एपीएल परिवार को 29 रुपये प्रति किलो की दर से चीनी दी जाएगी। इससे पहले बीपीएल परिवार को चीनी 13.50 रुपये और एपीएल परिवार को 19.50 रुपये की दर से मिलती थी।
हिमाचल के लिए चीनी पर केंद्र सरकार ने उपदान बंद किया तो अब राज्य सरकार ने खुद ही सब्सिडी देने का फैसला किया है। सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में ये अहम फैसला लिया गया। कर्ज में डूबी सरकार ने इसे चुनावी साल की मजबूरी में लिया है।
इन दो चीजों पर मिलती रहेगी सब्सिडी
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह की अध्यक्षता में राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में प्रदेश के लगभग 18 लाख उपभोक्ता परिवारों को रियायती दरों पर चीनी देने का निर्णय लिया गया। केंद्र सरकार ने हिमाचल के लिए चीनी पर सब्सिडी अप्रैल में बंद कर दी थी।
यानी नए वित्त वर्ष में चीनी के लिए सब्सिडी देने से मना कर दिया था। अब केंद्र से केवल चावल और गेहूं पर ही सब्सिडी मिलती है। केंद्र सरकार की इस रोक के बाद से हिमाचल सरकार ने डिपो में चीनी देना बंद कर दिया था।
वन विभाग में पक्के होंगे 750 कर्मचारी
राज्य मंत्रिमंडल ने वन विभाग में 750 दिहाड़ीदारों को नियमित करने का फैसला लिया है। तकनीकी शिक्षा विभाग में भी कई पदों के सृजन को मंजूरी दी गई। दर्जनों स्कूलों और स्वास्थ्य संस्थानों को भी स्तरोन्नत करने का भी निर्णय हुआ।
प्रदेश मंत्रिमंडल में बागवानी विकास परियोजना में नर्सरी मैनेजमेंट कमेटी के प्रबंध निदेशक का पद निदेशक के बराबर करने को भी स्वीकृति दे दी।
पीटीए शिक्षकों पर नहीं हो पाया फैसला
कैबिनेट की बैठक में पीटीए शिक्षकों का वेतन बढ़ाने पर कोई फैसला नहीं हो पाया। पीटीए शिक्षक लंबे समय से वेतन बढ़ाने और नियमितीकरण का मुद्दा उठा रहे थे। आउटसोर्स कर्मचारियों को सरकारी सेवाओं पर लाने की नीति पर भी कोई चर्चा नहीं हो पाई।
सुधीर और अनिल शर्मा हुए शामिल
कैबिनेट की बैठक में शहरी विकास मंत्री सुधीर शर्मा और ग्रामीण विकास मंत्री अनिल शर्मा मौजूद नहीं हो पाए। हाल ही में आयुर्वेद मंत्री कर्ण सिंह के देहांत के बाद इस बार मंत्रिमंडल के सदस्य पहले से ही कम थे। दो बजे शुरू मंत्रिमंडल की बैठक करीब सवा छह बजे तक चलती रही।