जूस और जैम बनाने के बाद अब हिमाचली सेब के बचे वेस्ट का अर्क तैयार किया जाएगा। इसके लिए राजधानी शिमला में प्रदेश का पहला फल विधायन संयंत्र करीब 100 करोड़ से स्थापित किया जाएगा। सेब के इस अर्क को प्रदेश सरकार काॅस्मेटिक कंपनियों को बेचेगी।
यह अर्क महिलाओं के चेहरे पर निखार लाने में सहायक होता है। कई तरह की क्रीम में इसका इस्तेमाल होता है। प्रदेश में सेब का अर्क तैयार करने के लिए आधुनिक मशीनों की मदद ली जाएगी। अभी तक प्रदेश में ऐसा कोई भी फल विधायन संयंत्र नहीं है, जहां सेब का अर्क तैयार होता है।
- सेब का अर्क यहां होता है इस्तेमाल
सेब के अर्क का इस्तेमाल काॅस्मेटिक उद्योग इस्तेमाल करते हैं। चेहरे की त्वचा और बालों में चमक लाने के लिए काॅस्मेटिक में अर्क सबसे ज्यादा इस्तेमाल होता है। कई कंपनियां लिपस्टिक में भी इस अर्क का इस्तेमाल करती हैं।
- क्या कहते हैं कि बागवानी विशेषज्ञ
बागवानी विशेषज्ञ डॉ. एसपी भारद्वाज कहते हैं कि सेब का अर्क आधुनिक मशीनों की मदद से निकाला जाता है। अर्क निकालने के बाद सेब का जो वेस्ट बचता है, उसकी खाद बनाई जाती है।