सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि मैंने शिमला का नाम बदलने की बात नहीं की। उनके पास कुछ लोगों के सुझाव आए थे कि अंग्रेजों के आने से पहले शिमला का नाम श्यामला था। अंग्रेज शिमला आए तो वे नाम का उच्चारण सही ढंग से नहीं कर पाए।
श्यामला का नाम बिगड़ते-बिगड़ते शिमला पड़ गया है। नाम बदलने के लिए यदि लोग बहुत ज्यादा आग्रह करेंगे तो इस पर भी विचार किया जाएगा। यह बात उन्होंने सोलन के एक निजी होटल में मंडयाल सभा के आयोजित समारोह के दौरान कही।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने शनिवार को मंडी में प्रदेश ऑर्थोपेडिक्स एसोसिएशन के 27वें वार्षिक सम्मेलन की अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि राज्य के ऑर्थोपेडिक्स विशेषज्ञ प्रदेश वासियों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने में सराहनीय कार्य कर रहे हैं। सरकार का प्रयास है कि प्रदेश में अधिक से अधिक ट्रॉमा सेंटर स्थापित किए जाएं। वर्तमान सरकार राज्य में गुणात्मक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए स्वास्थ्य संस्थानों को सुदृढ़ कर रही है।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि भविष्य में उच्च स्तरीय सेवाएं तथा पेश आने वाली समस्याओं में निदान को ऐसे अधिवेशन जरूरी हैं। उन्होंने आशा जताई कि अधिवेशन में हुई चर्चा से ऑर्थो के क्षेत्र में सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे। इससे पहले हिमाचल चैप्टर के अध्यक्ष डॉ. मुकुंद लाल ने मुख्य अतिथि तथा अन्य गण्यमान्य लोगों का स्वागत किया और एसोसिएशन की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
इस दौरान सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह, विधायक विनोद कुमार, हीरा लाल, कर्नल इंद्र सिंह, राकेश जम्वाल, प्रकाश राणा, सुरेंद्र शौरी, एचपीएमसी के उपाध्यक्ष राम सिंह, मिल्कफेड के अध्यक्ष, अल्पसंख्यक बोर्ड के अध्यक्ष, पंचायतीराज संस्थाओं के पदाधिकारी, उपायुक्त ऋग्वेद ठाकुर और पुलिस अधीक्षक गुरुदेव आदि मौजूद रहे।