सूत्रों के अनुसार अभी तक की जांच में सिर्फ एक कॉल रिकार्डिंग थी। इसके बल पर पूरा केस टिका था, लेकिन हाल में ब्यूरो को जांच के दौरान एक अन्य ऑडियो रिकार्डिंग मिली, जिसके आधार पर ही जांच एजेंसी ने मित्रा को सीधे तौर पर मामले में निशाने पर ले लिया।
नाम न लिखने की शर्त पर जांच से जुड़े एक अधिकारी ने बताया कि नई रिकार्डिंग में कई ऐसी महत्वपूर्ण जानकारी जांच एजेंसी के हाथ लगी है, जिनकी बदौलत उसकी जांच को मजबूती मिली है। यही कारण है कि इस नए तथ्य के सामने आने के बाद ही मित्रा से पहले पूछताछ और फिर उसके बाद अब वायस सैंपल और पॉलीग्राफी टेस्ट की कवायद शुरू की है।